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Monday, February 25, 2019

Gustakh Dil | गुस्ताख़ दिल


गुस्ताख़ दिल

दर्द ए तन्हाई कहु
या
तन्हाई ए दर्द कहु,

गुस्ताखियां हमसफर की नही,
गुस्ताखी तो इस दिल की है,

जो धड़कता तो मेरे सीने में है
और चाहत किसी और से रखता है,
उमीद किसी और से रखता है।

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